रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय और विश्वरंग फाउंडेशन ने रचा वैश्विक पहचान का नया अध्याय
भोपाल। राजधानी भोपाल में विश्व रंग 2025 का चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कला एवं साहित्य महोत्सव 27 से 30 नवंबर तक भव्यता, सृजनशीलता और सांस्कृतिक विविधता के साथ संपन्न हुआ। रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय और विश्वरंग फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस महोत्सव ने न केवल मध्यप्रदेश, बल्कि पूरे देश और विश्व के कला-साहित्य प्रेमियों के बीच एक अलग पहचान स्थापित की है।
56 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों, वरिष्ठ साहित्यकारों, कलाकारों, युवा रचनाकारों और सांस्कृतिक संस्थानों की अभूतपूर्व भागीदारी ने इस आयोजन को वैश्विक स्तर पर उल्लेखनीय बना दिया। उद्घाटन समारोह में मध्य प्रदेश के राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल एवं मुख्यमंत्री मोहन यादव सहित कई राजनीतिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक हस्तियाँ शामिल हुईं।
नेतृत्व, नैतृत्व और समर्पण का अनोखा संगम
इस आयोजन की सफलता के पीछे रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के निदेशक संतोष चौबे, अदिति चतुर्वेदी तथा सिद्धार्थ चतुर्वेदी के अथक प्रयासों ने केंद्रीय भूमिका निभाई। उनकी दूरदृष्टि, सांस्कृतिक प्रतिबद्धता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय कला-साहित्य को स्थापित करने की इच्छाशक्ति ने विश्वरंग को एक विशिष्ट ऊँचाई प्रदान की।
इसके साथ ही मध्यप्रदेश शासन की सक्रिय सहभागिता ने इस महोत्सव को सुदृढ़ आधार देते हुए इसे विश्व-पटल पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। शासन और संस्थान के मध्य यह सफल साझेदारी ‘आत्मविश्वासी कला-संस्कृति वाले मध्यप्रदेश’ की नई पहचान बनकर उभरी है।
चार दिनों तक बहती रही कला, साहित्य और सांस्कृतिक ऊर्जा
27 से 30 नवंबर तक चले इस आयोजन में—
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बहुभाषी काव्य पाठ
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अंतरराष्ट्रीय पैनल चर्चाएँ
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कथा, कविता, विचार और आलोचना के अनेक मंच
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युवा लेखन कार्यशालाएँ
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पुस्तकों का विमोचन
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नृत्य, संगीत और नाट्य प्रस्तुतियाँ
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विश्व भाषाओं के प्रतिनिधियों के बीच सांस्कृतिक संवाद
जैसी गतिविधियों ने शहर को कला और विचारों के उत्सव में बदल दिया।
महोत्सव में 100 से अधिक सत्र, देश-विदेश के शीर्ष रचनाकारों, कलाकारों और विशेषज्ञों की भागीदारी तथा नई पीढ़ी के रचनाकारों का उत्साह—इन सभी ने भोपाल को इन चार दिनों तक संस्कृतियों के जीवंत संगम में परिवर्तित कर दिया।
विश्व-पटल पर भारतीय कला और भोपाल की पहचान
इन सबके बीच, विश्वरंग फाउंडेशन और रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय द्वारा किया गया यह प्रयास अब एक वैश्विक सांस्कृतिक ब्रांड के रूप में स्थापित हो चुका है। इस आयोजन ने सभ्यता-संस्कृति, कला-साहित्य और वैश्विक संवाद के एक नए अध्याय की नींव रखी है।
27 नवंबर को शुभारंभ, राज्यपाल और मॉरिशस के पूर्व राष्ट्रपति हुए उपस्थित
विश्व रंग का शुभारंभ 27 नवंबर को रंगारंग शोभायात्रा के साथ हुआ। उद्घाटन समारोह में म.प्र. के राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मॉरिशस के पूर्व राष्ट्रपति, प्रदेश के मुखयमंत्री और संतोष चौबे मुख्य अतिथि रहे। संतोष चौबे ने बताया कि 2019 में शुरू हुई यह यात्रा मॉरिशस, श्रीलंका, दिल्ली और मुंबई तक पहुँचने के बाद इस बार और व्यापक रूप में भोपाल लौटी। महोत्सव में साहित्य, कला, संस्कृति, विज्ञान, तकनीक, मीडिया और पर्यावरण तक फैली गतिविधियाँ शामिल रही।






