January24 , 2026

    NCR में पारा गिरते ही बढ़ा प्रदूषण, कई इलाकों में AQI 400 के पार, पूरा इलाका गैस चेंबर में तब्दील

    Related

    नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया-राहुल को राहत: कमलनाथ बोले- सत्य की जीत हुई

    भोपाल । मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस...

    मध्य प्रदेश की सरकार ब्याज चुकाने के लिए बेच रही संपत्तियां : जीतू पटवारी

    भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने...

    Share

    नोएडा । दिल्ली-एनसीआर में ठंड ने दस्तक दे दी है। न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। भारत मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार 12, 13 और 14 दिसंबर को दिल्ली-एनसीआर में शैलो से मॉडरेट फॉग की स्थिति बनी रहेगी। 12 दिसंबर को तापमान अधिकतम 24 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 9 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। ऐसे ही अगले तीन दिनों तक तापमान के बने रहने की संभावना जताई गई है। लगातार बढ़ती नमी और ठंडी हवाओं के कारण हवा की गति धीमी पड़ गई है, जिससे प्रदूषक जमीन के पास ही ठहर रहे हैं। दिल्ली में वायु गुणवत्ता तेजी से बिगड़ी है। कई स्टेशन बहुत खराब से गंभीर श्रेणी में पहुंच गए हैं। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, आनंद विहार में 391, अशोक विहार में 379, बवाना में 368, बुराड़ी में 354, चांदनी चौक में 366, मथुरा रोड में 309, डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में 321, डीटीयू में 366, नरेला में 364, नेहरू नगर में 362, द्वारका में 394 और पंजाबी बाग में 364 एक्यूआई दर्ज किया गया है। कई क्षेत्रों में एक्यूआई 350 से ऊपर और कुछ में 390 के करीब पहुंच चुका है, जो बहुत ही खतरनाक स्थिति है।

    नोएडा के सभी सक्रिय स्टेशनों पर एक्यूआई गंभीर स्तर पर दर्ज किया गया है, जिनमें सेक्टर-125 में 371, सेक्टर-62 में 314, सेक्टर-1 में 355 और सबसे खतरनाक सेक्टर-116 में एक्यूआई 400 पहुंच गया है। गाजियाबाद में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। इंदिरापुरम में 350, लोनी में 427 (एनसीआर का सबसे प्रदूषित क्षेत्र), संजय नगर में 326 और वसुंधरा में 242 एक्यूआई दर्ज किया गया है।
    ग्रेटर नोएडा भी बुरी तरह प्रभावित है। यहां पर नॉलेज पार्क-III में 312 और नॉलेज पार्क-V में 373 एक्यूआई दर्ज किया गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अब पारा गिरेगा तो प्रदूषण बढ़ेगा। आईएमडी का कहना है कि आने वाले दिनों में रात का तापमान और गिरेगा तथा हवा की गति धीमी रहेगी। इसका सीधा असर हवा की गुणवत्ता पर पड़ेगा और एक्यूआई में और बढ़ोतरी हो सकती है। एयर क्वालिटी ऐप के अनुसार वर्तमान स्थिति में हवा “बहुत खराब” है और लंबे समय तक एक्सपोज़र से सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

    spot_img