भोपाल, 15 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों और देश की आंतरिक सुरक्षा में बलिदान देने वाले जवानों को नमन किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को विकसित, आत्मनिर्भर, सुरक्षित, समृद्ध और गौरवशाली प्रदेश बनाने के लिए सरकार विकास के विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में किसान कल्याण, युवा शक्ति, महिला सशक्तिकरण, रोजगार, निवेश, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना, ऊर्जा, पर्यटन, संस्कृति और सुशासन को प्रमुख प्राथमिकताओं के रूप में रेखांकित किया।
किसान कल्याण पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि किसानों को खाद-बीज, पर्याप्त बिजली, सिंचाई, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जन, भावांतर, फसल बीमा, राहत राशि और किसान सम्मान निधि सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों के खातों में ₹3 लाख करोड़ से अधिक की राशि अंतरित की गई है।
उन्होंने युवाओं से कृषि को रोजगार के नए क्षेत्र के रूप में अपनाने और आधुनिक उद्यानिकी फसलों की ओर बढ़ने का आह्वान किया।
2027 होगा युवा वर्ष
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वर्ष 2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। युवाओं के समग्र विकास के लिए सात स्तंभों वाली “इंद्रधनुषी रणनीति” तैयार की गई है, जिसमें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, उद्यमिता, रोजगार, स्टार्टअप, खेल-कला-संस्कृति एवं शोध तथा नेतृत्व क्षमता विकास को शामिल किया गया है।
उन्होंने बताया कि 85 हजार से अधिक युवाओं की शासकीय सेवाओं में नियुक्तियां की गई हैं। आने वाले समय में प्रतिवर्ष एक लाख से अधिक युवाओं को सार्वजनिक क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने तथा आईटीआई और ग्लोबल स्किल पार्क के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है।
स्टार्टअप और नई तकनीक पर फोकस
प्रदेश में लगभग 8 हजार स्टार्टअप संचालित होने की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इनमें 50 प्रतिशत स्टार्टअप का नेतृत्व महिलाओं द्वारा किया जा रहा है। आगामी ढाई वर्षों में स्टार्टअप की संख्या 12 हजार से अधिक करने और 100 नए इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
ड्रोन, सेमीकंडक्टर, AI, स्पेसटेक और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग जैसे नए क्षेत्रों में MSME की भागीदारी बढ़ाने की योजना भी सामने रखी गई।
निवेश और औद्योगिक विकास
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश को विभिन्न क्षेत्रों में ₹34 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से ₹10 लाख करोड़ से अधिक के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। टेक सेक्टर में ₹12 हजार करोड़ से अधिक के निवेश का उल्लेख करते हुए उन्होंने ग्वालियर के टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन, जबलपुर और शिवपुरी के डिफेंस कॉरिडोर तथा धार के पीएम मित्र पार्क को औद्योगिक विकास की महत्वपूर्ण पहल बताया।
प्रदेश के सभी 55 जिलों को निर्यात हब बनाने के लक्ष्य के तहत सभी जिलों की निर्यात कार्य योजनाएं तैयार किए जाने की जानकारी भी दी गई।
महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर
मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण को प्रदेश के विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना से लगभग 1 करोड़ 25 लाख बहनों के जुड़ने तथा लाड़ली लक्ष्मी योजना से 53 लाख 55 हजार से अधिक बेटियों के जुड़े होने की जानकारी दी गई।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में विस्तार
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 73 विश्वविद्यालय और 1,400 से अधिक महाविद्यालय संचालित हैं, जिनमें 16 लाख से अधिक युवाओं के भविष्य का निर्माण हो रहा है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में पिछले तीन महीनों में एक हजार डॉक्टरों की नियुक्ति और अगले छह महीनों में एक हजार और डॉक्टरों की नियुक्ति का लक्ष्य बताया गया। 1 नवंबर 2026 से मरीजों की जांच को पेपरलेस बनाने तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों की ऑनलाइन सलाह उपलब्ध कराने की योजना की भी जानकारी दी गई।
सड़क और शहरी अधोसंरचना
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में लगभग ₹23 हजार करोड़ की लागत से 15 हजार किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण, उन्नयन और सुदृढ़ीकरण किया गया है। भोपाल और इंदौर में मेट्रोपॉलिटन रीजन विकसित करने तथा भविष्य में जबलपुर और ग्वालियर को भी इसी दिशा में विकसित करने की योजना है।
सिंहस्थ-2028 और सांस्कृतिक विरासत
उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को बड़े स्तर पर जारी बताते हुए मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं की सुविधाओं और क्षिप्रा नदी के विकास पर जोर दिया।
भोजशाला में सरस्वती लोक और राजा भोज संस्थान की स्थापना, प्रदेश में 17 धार्मिक एवं सांस्कृतिक लोकों के निर्माण तथा श्रीराम वन गमन पथ और श्रीकृष्ण पाथेय जैसी परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने की बात कही।
हरित ऊर्जा और पर्यटन
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की विद्युत क्षमता में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत है, जिसे आने वाले वर्षों में 50 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है। नर्मदापुरम में नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण निर्माण क्षेत्र, मक्सी में सोलर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और मुरैना में ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट की योजनाओं का भी उल्लेख किया गया।
पर्यटन क्षेत्र में पिछले वर्ष 14 करोड़ से अधिक पर्यटकों के मध्यप्रदेश आने की जानकारी दी गई। पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा और हेली सेवा के साथ नए हवाई मार्गों तथा एयरपोर्ट्स के विकास का भी उल्लेख किया गया।
सुशासन और सुरक्षा
मुख्यमंत्री ने 7 अगस्त 2026 से शुरू किए गए “मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान” को जनता की समस्याओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। अभियान का मूल भाव “न देरी, न दूरी” रखा गया है।
पुलिस विभाग में भर्ती और पदोन्नति की प्रक्रिया तेज होने तथा साइबर अपराधों से निपटने के लिए अत्याधुनिक साइबर सिक्योरिटी रिसर्च सेंटर स्थापित करने की जानकारी दी गई। पुलिस विभाग में 9,751 अतिरिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी होने की बात भी कही गई।
विकसित मध्यप्रदेश का संकल्प
स्वतंत्रता दिवस संदेश के समापन पर मुख्यमंत्री ने अगले 20 वर्षों में विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए सरकार और जनता से मिलकर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने परिश्रम, संघर्ष और संकल्प को विकास की आधारशिला बताते हुए प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री का संदेश मूल रूप से “विकसित मध्यप्रदेश” के दीर्घकालिक लक्ष्य के साथ किसान, युवा, महिला, रोजगार, निवेश और सुशासन को विकास के प्रमुख आधार बनाने पर केंद्रित रहा। संबोधन का समापन “जय हिन्द—जय मध्यप्रदेश” के उद्घोष के साथ हुआ।



