August13 , 2026

    बिहारःमिथिलांचल के कोकन गाँव में मानवता की मिसाल कंबल वितरण कार्यक्रम ने घोला संवेदनाओं का दीप

    Related

    मध्य प्रदेश में 1 करोड़ से ज्यादा बच्चों को दी गई पोलियो की खुराक

    भोपाल । मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान...

    तीजन बाई के निधन पर PM मोदी ने जताया दुख, बोले- ‘उनका जाना कला और संस्कृति जगत के लिए अपूरणीय क्षति’

    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन...

    PM मोदी को ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले जान से मारने की धमकी, ऑस्ट्रेलियाई सुरक्षा एजेंसियां सतर्क, हाई लेवल जांच शुरू

    मेलबर्न/कैनबरा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अगले सप्ताह प्रस्तावित ऑस्ट्रेलिया दौरे...

    दृढ़ निश्चय और आत्म-संयम वह शक्ति है, जो कठिन से कठिन राह को भी आसान बना देती है: पीएम मोदी

    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म...

    Share

    कोकन (मिथिलांचल) बिहार, 04 दिसंबर 2025 शंखनाद समाचार
    शीत लहर के बीच कोकन गाँव मानवता और सेवा-भाव से सराबोर दिखाई दिया। युवा सामाजिक कार्यकर्ता शम्मी झा और सुमित मिश्र की पहल पर आयोजित कंबल वितरण कार्यक्रम ने ग्रामीणों के दिलों में गर्माहट भर दी।

    प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘सेवा ही संगठन’ और जनसेवा के संकल्प से प्रेरित इस कार्यक्रम में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजन को सफल बनाने में अमित मिश्र, आचार्य पारस जी मिश्र, नंदन मिश्र, मानवेंद्र झा, अवधेश शाह, विकास कुमार तथा वरिष्ठ सलाहकार सुरेंद्र मिश्र का विशेष सहयोग रहा।

    • कार्यक्रम के दौरान बुजुर्गों, महिलाओं और ज़रूरतमंद ग्रामीणों को कंबल वितरित किए गए। कंबल पाकर उनके चेहरों पर खिली मुस्कान ने आयोजन की सार्थकता को और गहरा कर दिया।
    • इस अवसर पर आयोजक शम्मी झा ने कहा,
      “मानवता ही समाज की सबसे बड़ी शक्ति है। हम आगे भी ऐसे कार्यों को निरंतर करते रहेंगे।”
    • वहीं सुमित मिश्र ने अपने विचार रखते हुए कहा,
      “सेवा का सच्चा आनंद तभी है जब उसका लाभ वास्तव में ज़रूरतमंद व्यक्ति तक पहुँचे। गाँववासियों के सहयोग से यह पहल एक प्रेरक उदाहरण बन गई है।”
    • स्थानीय लोगों की सक्रिय सहभागिता और सहयोग ने इस सेवा-पहल को न सिर्फ सफल बनाया, बल्कि पूरे समाज में करुणा, सामाजिक उत्तरदायित्व और मानव मूल्यों का सशक्त संदेश भी दिया।

    यह आयोजन गाँव में सामाजिक एकता और संवेदनशीलता का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया है।

    spot_img