August13 , 2026

    मध्य प्रदेश में प्रशासनिक अराजकता : जीतू पटवारी

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    भोपाल । मध्य प्रदेश में भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के हुए तबादले को लेकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव और सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि राज्य में प्रशासनिक अराजकता की स्थिति है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पटवारी ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि राज्य में लगातार आईएएस अफसर के तबादले हो रहे हैं और मुख्यमंत्री सचिवालय के चार प्रमुख सचिव डेढ़ साल में बदले गए हैं। यह बताता है कि मुख्यमंत्री का चयन अच्छा नहीं है या तो फिर जो मुख्यमंत्री की चाहत है वह कोई पूरी नहीं कर पा रहा है।
    उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के तबादले बताते हैं कि मध्य प्रदेश में कार्यशैली कैसी है, यह अहसास कराता है कि मध्यप्रदेश में अराजकता है, राज्य सही दिशा में नहीं चल रहा है, गर्त में और कर्ज में जा रहा है। प्रदेश में न तो प्रशासन की स्थिति अच्छी है, न तो कानून व्यवस्था की अच्छी और न ही आम आदमी को कोई राहत और न युवाओं को रोजगार, न किसानों को सहायता मिल रही है। यहां केवल इवेंट चल रहे हैं। विज्ञापन भी अखबार में आते हैं, जनता नहीं देखती हैं जो आते हैं वह सरकारी होते हैं। जनता से कोई लेना-देना नहीं है। अखबार विज्ञापन से भरे पड़े हैं। कुल मिलाकर प्रदेश में प्रशासनिक अराजकता चल रही है।
    पटवारी ने ओबीसी वर्ग के आरक्षण को लेकर कहा कि राज्य में ओबीसी के साथ अत्याचार, अनाचार हो रहे हैं। विधानसभा में पारित कानून को लेकर मुख्यमंत्री का जो बयान आया है वह उनकी समझ को बताता है। सीएम की भाषा और समझ को इसी बात से समझ सकते हैं कि उन्होंने कहा है ‘एक पर्ची पर चार लाइनों से कोई कानून बनता है क्या?’ वास्तविकता यह है कि वह कानून विधानसभा में अध्यादेश लाकर पारित किया गया था।
    पटवारी ने आगे कहा कि विधानसभा में पारित अध्यादेश को लेकर यह बात उस मुख्यमंत्री ने कही है, जिसका फैसला स्वयं पर्ची के जरिए हुआ है। अब मुख्यमंत्री की ओर से एक के बाद एक विधेयक लाने की बात करना ही उनकी राजनीतिक अपरिपक्वता को दर्शाता है।

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